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शारजाह पुलिस ने पकड़ा 14 देशों में फैला साइबर गिरोह: फ़ोटो फ़िल्टर और “ब्लू टिक” के लालच से करता था ब्लैकमेल

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शारजाह, 29 अक्टूबर। शारजाह पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है जो 14 देशों में सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर्स और जानी-मानी हस्तियों की निजी तस्वीरें और अकाउंट की जानकारी चुराकर उन्हें ब्लैकमेल करता था। शारजाह पुलिस के डिजिटल क्राइम सेक्शन के प्रमुख लेफ़्टिनेंट कर्नल साक़र अहमद ने शारजाह टीवी के कार्यक्रम ‘अल शुर्ती’ में इस मामले की जानकारी दी, जिसे गल्फ़ न्यूज़ ने गुरुवार को प्रकाशित किया।

संक्षेप में: गिरोह फ़र्ज़ी फ़ोटो फ़िल्टर और “ब्लू टिक / वेरिफ़िकेशन बैज”, “फ़ॉलोअर्स बढ़ाने” जैसी सेवाओं का लालच देकर डेटा चुराता था, फिर पैसे माँगता था। ऐसे ऑफ़र से दूर रहें। अगर कोई ब्लैकमेल करे तो पैसे न दें, सबूत सँभालकर पुलिस में शिकायत करें।

गिरोह कैसे फँसाता था?

  • फ़ोटो एडिटिंग और शेयरिंग ऐप्स में मिलने वाले छेड़छाड़ किए गए (मैलिशियस) फ़िल्टर के ज़रिए यूज़र की निजी तस्वीरें और अकाउंट की जानकारी चुपके से हासिल की जाती थी।
  • गिरोह खुद को एक असली ऑनलाइन एजेंसी की तरह दिखाता था, जो वेरिफ़िकेशन बैज, फ़ॉलोअर्स बढ़ाने और अकाउंट सिक्योरिटी जैसी सेवाएँ “बेचती” थी।
  • तस्वीरें चुराने के बाद पीड़ित को धमकाया जाता था कि पैसे न देने पर फ़ोटो सार्वजनिक कर दी जाएँगी।
  • फिर वही लोग “सिक्योरिटी कंपनी” बनकर तस्वीरें “वापस दिलाने” के नाम पर फ़ीस भी वसूलते थे।

पुलिस के अनुसार पूरी जाँच शारजाह में सिर्फ़ एक पीड़ित की शिकायत से शुरू हुई। जाँचकर्ताओं ने डिजिटल फ़ॉरेंसिक, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग से 14 देशों में फैले इस नेटवर्क का पता लगाया। पुलिस ने देशों के नाम, गिरफ़्तार लोगों की संख्या या फ़िरौती की रक़म सार्वजनिक नहीं की है।

हम प्रवासी कामगारों के लिए यह ख़बर क्यों अहम है?

यूएई में रहने वाले भारतीय, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी, नेपाली और दूसरे देशों के बहुत से कामगार टिकटॉक, इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक पर वीडियो बनाते हैं और फ़ॉलोअर्स बढ़ाने के लिए “सस्ते ऑफ़र” पर भरोसा कर लेते हैं। ऐसे में ब्लैकमेल का शिकार होने का ख़तरा सिर्फ़ बड़े इन्फ़्लुएंसर्स को नहीं, आम लोगों को भी है।

क्या करें?

  • अनजान ऐप्स और फ़िल्टर से बचें: किसी थर्ड-पार्टी ऐप को कैमरा, गैलरी या स्टोरेज की अनुमति देने से पहले अच्छी तरह सोचें।
  • ब्लू टिक या फ़ॉलोअर्स ख़रीदने का ऑफ़र देने वाले अनजान अकाउंट, लिंक या एजेंसी पर भरोसा न करें। वेरिफ़िकेशन सिर्फ़ प्लेटफ़ॉर्म की अपनी सेटिंग से ही लें।
  • ब्लैकमेल हो तो पैसे न दें: धमकी वाले मैसेज, फ़ोन नंबर और स्क्रीनशॉट सँभालकर रखें — इन्हें डिलीट न करें।
  • तुरंत शिकायत करें: नज़दीकी पुलिस स्टेशन जाएँ, आपात स्थिति में 999 पर कॉल करें, या यूएई के आधिकारिक ई-क्राइम प्लेटफ़ॉर्म ecrime.ae पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।
  • अकाउंट सुरक्षित रखें: सभी सोशल मीडिया अकाउंट पर टू-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें और OTP किसी से साझा न करें।

स्रोत: गल्फ़ न्यूज़ (शारजाह पुलिस, ‘अल शुर्ती’ कार्यक्रम) — 29 अक्टूबर 2026

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